ऐसे में पिछले 2 साल (2019 की अंत से covid-19) कोरोना वाइरस (Bollinger Bands काम कैसे करते है? corona virus - pendamic) नामक महामारी के चलते दुनियां भर के साथ-साथ भारत Bollinger Bands काम कैसे करते है? में भी अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर देखने को मिला। जहां लोगों की नौकरी Bollinger Bands काम कैसे करते है? खत्म हो रहें, छोटे, मझौले स्तर के कारोबार ठप सा हो गए, बड़े बड़े उद्योगों पर भी अच्छे खासे असर देखने को मिल रहें। जिससे विकास दर Bollinger Bands काम कैसे करते है? यानी "GDP" की रफ्तार धीमी होती दिखाई पड़ रही हैं। ऐसे में inflation (मुद्रास्फीति) यानी महंगाई दर का लगातार बढ़ते रहना जिसका डायरेक्ट असर शेयर मार्केट पर भी पड़ा। इन सभी अनिश्चितता के कारण शेयर बाजार की चाल काफ़ी सुस्त दिखाई देने लगा। हालाकि इस कोरोना महामारी काल की शुरुवात से मार्च 2020 (march -2020) तक मार्केट में भरी गिरावट देखने के बाद भी, वर्तमान में बाज़ार की स्थिति को अगर देखें, जहां मार्च, 2020 में BSE के सेंसेक्स-30 इंडेक्स (BSE - SENSEX-30 indices) 29330.12 अंक था वहीं अभी जनवरी, 2022 लगभग 2 साल में सेंसेक्स 60,000 अंक के ऊपर कारोबार कर रहा हैं। वहीं इसमें रिटर्न प्रतिशत की बात करें तो तकरीबन +103% से भी ज्यादा की रिटर्न अब तक मार्च,2020 से जनवरी 2022 तक दर्ज की जा चुकी हैं।

निवेश और जटिल होता जा रहा हैं .

एक समय था जब शेयर मार्केट (stock market) में निवेश करना या इसकी चाल को समझना आसान हुआ करती थीं। बाज़ार में पुराने अनुभवी विशेषज्ञों की मानें, तो स्टॉक मार्केट प्रतिवर्ष मानसून की पहली बौछारों के साथ अथवा दिवाली के आस-पास में ऊपर चला जाता था। एवं साल के अंत में फिर नीचे की और रुख करता, जिसे शेयर बाजार की भाषा में मार्केट करेक्शन (market correction) कहा जाता हैं। लेकिन अब अर्थव्यवस्था में गतिशीलता एवं विस्तार से भारत की आर्थिक गति-विधि दुनियां के साथ जुड़ने लगा, जिससे जटिल कारक जैसे समय समय पर यू. एस. (U.S - United States of America) की अल्प अवधि ब्याज दरें बड़ने की संकेत, यूरोपियों बाजार से उम्मीद अनुसार प्रदर्शन न मिल पाना, साथ हीं देश व्यापी एवं वैश्विक स्तरीय समाचार व राजनैतिक माहौल (political enviroments) में उथल-पुतल इसे दिन ब दिन जटिल बनाता जा रहा हैं।

शेयर बाजार में सफ़लता उपलब्धि प्राप्ति की राज (Bollinger Bands काम कैसे करते है? Secrets of Stock Market Success):-

  • निवेश रणनीति : जैसे हीं आप शेयर बाजार में निवेश के लिए तैयार हो, वैसे हीं आपके निवेश रणनीति, "प्रतिधारा" (Contrarian) अर्थात बाजार के बारे में आम धारणाओ से एकदम विपरीत नज़रिया रखना हैं। इस प्रकार के रणनीति कार निवेशक खास तौर पर उन क्षेत्रों या कंपनियों में निवेश करने पर जोर देता हैं, जिन पर निवेशकों की राय फिलहाल अनुकूल नहीं हैं। जितने भी मार्केट एक्सपर्ट आपको देखेंगे वे सब किसी भी समय कुछ खास सेक्टर ( और उनमें शामिल शेयरों ) के पक्ष में होते हैं। यह वर्तमान में चल रही भीड़ की मानसिकता हैं जो निवेशकों (investor's) को इन मार्केट एक्सपर्ट ने अपने बताए अनुसार सेक्टर या शेयरों की ओर आकर्षित करना चाहती हैं।
  • प्रतिधरा निवेश का अर्थ हैं, फिलहाल चल रही निवेश प्रवृत्ति के विपरित ( शेयर मार्केट में जब हर कोई एक सा सेक्टर या शेयर में निवेश कि बात करता हों) अपनी नज़रिया रखना। यह नज़रिया उन शेयरों की पहचान करने में विश्वास करता हैं, जिनकी मजबूत बुनियादी होती हैं और साथ आगे अच्छी बाट़त की संभावना होती हैं, लेकिन कुछ समय के लिए ऐसा प्रतीत होता हैं कि इन शेयर, अपनी सेक्टर बेसिस इंडेक्स या अन्यों शेयरों की तुलना में कुछ खास रिटर्न नहीं देता या नहीं चल-पता है, मानो इस तरह का शेयर कुछ समय के लिए बाजार को नजर अंदाज कर रहा हैं। "ऐसे समय में इस प्रकार की शेयर आम तौर पर अपने वास्तविक भाव (कीमत - price) से कम कीमत पर उपलब्ध होते है, जिससे "धैर्यबान प्रतिकूल निवेशक" उनका फायदा उठाता हैं।

Intraday Trading कैसे सीखे | Intraday Trading से पैसे कैसे कमाए

Intraday Traders को इन सभी बातो के बारे में पता होना चाहिए Stock Market से पैसे कमाने से पहले

Trading से पैसे कमाने से पहले आपको Paper Trading करना चाहिए, यदि आप बिना Paper Trading किये बिना Stock Market में Trading करने लगेंगे तो इससे आपका नुकसान हो सकता हैं

पेपर ट्रेडिंग करके आप उस डेमो अकाउंट की राशि बढ़ा सकते हैं, अगर आप डेमो अकाउंट की राशि बढ़ाते हैं, तो इसका मतलब है कि आप इंट्राडे करके पैसे कमा सकते हैं

ट्रेडिंग से पैसा तो कमाया जाता है, लेकिन जो लोग बिना सीखे ट्रेडिंग से पैसा कमाने आते हैं, वे लोग अपना पैसा खो देते हैं

पेपर ट्रेडिंग करें और एक रणनीति को बार-बार आजमाएं, अगर वो स्ट्रैटेजी डेमो अकाउंट में काम कर रही है, तो आप असली पैसे से भी ट्रेडिंग करके उस रणनीति से पैसा कमा सकते हैं

2. (Greedy) लालची न बने

बहुत से Trader अपना पैसा खो देते हैं क्योंकि वे बहुत लंबे मुनाफे की तलाश में रहते हैं, आप भी बड़े मुनाफे की तलाश में हो सकते हैं लेकिन शुरुआत में लालची न हों क्योंकि आपने अभी शेयर बाजार में प्रवेश किया है, तो आपको छोटे मुनाफे का लक्ष्य बनाना चाहिए

शुरुआत में छोटे मुनाफे को बुक करें और जैसे ही आप शेयर बाजार में अनुभवी हो जाये, उसके बाद आप बड़ा मुनाफा बुक करने का Target बना सकते है

3. Overtrading से बच कर रहे

जितने भी बड़े Traders होते है वो लोग बहुत कम Trading करते है, Overtrading करने वाले लोग हमेशा Loss में रहते है, जितना ज्यादा आप कम Trading करेंगे उतना ही आपके लिए अच्छा होगा, Sure Shot Position मिलने पर ही Trading करे

शुरआत में आपको Indicator पर ही ज्यादा काम करना चाहिए, किसी एक Indicator पर Practice करे और फिर उस Strategy का उपयोग करके Demo Account से पैसे बना कर देखे

Indicator बहुत सारे है जैसे की MACD, Moving Average, Stochastic Oscillator, Bollinger Bands इन सभी Indicator पर आपको काम करना चाहिए और Strategy बनाना चाहिए, यदि आप किसी Indicator की मदद ले कर बहुत बार practice किये हुए है तो उसका इस्तेमाल करके Real Account से भी पैसे बना सकते है

5. शेयर बाजार की किताबें पढ़ें

शेयर बाजार की किताबे पढ़ कर बहुत सारा ज्ञान बटोर सकते है, शेयर बाजार की किताबो में आपको बहुत कुछ सिखने को मिलेगा की कैसे Trading करते है और कैसे अपने पैसे को Trading करके बढ़ाया जाये ]

अंतिम शब्द

ट्रेडिंग से पैसा तो कमाया जाता है, लेकिन ट्रेडिंग तभी करनी चाहिए जब आप अच्छी तरह अभ्यास कर लेंगे और सीख जाएंगे, यदि आप ट्रेडिंग में करियर बनाना चाहते हैं, तो पहले एक रणनीति पर अभ्यास करें, उसके बाद ही बाजार में प्रवेश करें

Parabolic SAR इंडिकेटर की परिभाषा – इसका उपयोग कैसे करें

Parabolic SAR (PSAR) इंडिकेटर का उपयोग एसेट के Bollinger Bands काम कैसे करते है? बढ़ने/घटने के ट्रेंड को मॉनिटर करने और कीमत के रिवर्सल का पूर्वानुमान लगाने के लिए किया जाता है| हालाँकि यह बहुत सटीक नहीं होता फिर भी सरल होने के कारण PSAR और अन्य इंडिकेटरों का संयोजन ट्रेडरों के लिए महत्वपूर्ण होता है फिर चाहे ट्रेडर नया हो या पुराना|

PSAR इंडिकेटर का विवरण

PSAR इंडिकेटर चार्ट के ऊपर या नीचे, बार-बार टूटी हुई रेखाओं के रूप में दिखाया जाता है| जब यह चार्ट में ऊपर की तरफ होती है तो रेखा नीचे जाती है और ट्रेंड की कीमत भी नीचे जाती है| इसके विपरीत, नीचे की तरफ, रेखा ऊपर जाती है और कीमत भी बढ़ती है|

Parabolic SAR indicates the power of increasing and decreasing of asset prices in current time

PSAR इंडिकेटर की गणना कैसे करें

PSAR (n) = PSAR (n-1) + AF * (EP – PSAR (n))

  • PSAR (n) वर्तमान PSAR का मान है
  • PSAR (n-1) पिछले PSAR का मान है
  • EP (एक्सट्रीम प्राइस) ट्रेंड का चरम बिंदु है| उदाहरण के लिए, EP अपट्रेंड की उच्चतम और डाउनट्रेंड की निम्नतम कीमत होगी|
  • AF (एक्सेलिरेशन फैक्टर) PSAR सूत्र का एक्सेलिरेशन कांस्टेंट है| 0.02 से 0.20 तक की रेंज में जब भी EP पीक आता है तो, AF 0.02 Bollinger Bands काम कैसे करते है? से 0.20 तक बढ़ जाता है|

Parabolic SAR इंडिकेटर एंट्री सिग्नल

PSAR कमजोर है

जब PSAR रेखा क्षैतिज रेखा के लक्षण दिखाती है तो, कीमत को रिवर्स करना मुश्किल होता है|

Parabolic SAR signals with a steady line predict no sudden change

PSAR तेजी से रिवर्स हो जाता है

जब Parabolic SAR स्थिरता से बढ़ या घट रहा हो, और अचानक से विपरीत दिशा में 2-3 पॉइंट से तेजी से रिवर्स हो जाए तो यह सिग्नल है कि कीमत रिवर्स होगी|

Parabolic SAR indicates the power of increasing and decreasing of asset prices in current time

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