निवेश करना सीखें

साधारण शब्‍दों में, निश्चित आय वाली प्रतिभूति से निवेशकों को ब्‍याज के रुप में आय प्राप्‍त होती है। व्‍यवसायिक प्रतिष्‍ठान पूंजी की उगाही निश्चित आय वाले उपज निवेश की रेटिंग उत्‍पाद जारी करके करते हैं जिसमें निर्धारित दर से ब्‍याज मासिक अथवा वार्षिक अंतराल पर देय होता है। प्रतिभूति का जारीकर्ता मूलधन की वापसी का वादा भविष्‍य की किसी तारीख को करता है और तब तक ब्‍याज भुगतान सतत रुप से होता रहता है।

आइये बाजार में उपलब्‍ध सभी प्रकारके बॉन्‍ड एवं निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों के विषय में समझते हैं।

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बॉन्‍ड एवं निश्चित आय-वाली प्रतिभूतियों के प्रकार

सबसे अधिक प्रचलित एवं सहज रुप से उपलब्‍ध निश्चित आय वाली प्रतिभूति बॉन्‍ड है। बॉन्‍ड और कुछ नहीं, बल्कि निवेश की प्रतिलिपी है जो कंपनियों अथवा सरकारी संस्‍थाओं के द्वारा पूंजी उगाही के लिये जारी किया जाता है। इसके बदौलत जारी कर्ता अपने परिचालन अथवा प्रोजेक्‍ट को विस्‍तार दे सकता है।

उधार कर्ता इसके बदले ब्‍याज के भुगतान का वादा करता है, जिसे कूपन कहते हैं, जिसका भुगतान एक निश्चित तिथि तक वार्षिक, मासिक अथवा अर्धवार्षिक अंतराल पर किया जाता है। उसके पश्‍चात जारी कर्ता, निवेशक को मूलधन वापस कर देता है जिसे हम फेस वैल्‍यू भी कहते हैं।

बॉन्‍ड को विभिन्‍न श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

कॉर्पोरेट बॉन्‍ड कंपनियों के द्वारा जारी किया जाता है। उन्‍हें भिन्‍न श्रेणियों में उपज निवेश की रेटिंग उपज निवेश की रेटिंग विभाजित किया जा सकता है:

निवेश श्रेणी के बॉन्‍ड वैसी कंपनियों द्वरा जारी किया जाता है जिनमें स्‍थायित्‍व होता है और भुगतान में चूक की संभावना काफी कम होती है। हालांकि, इस श्रेणी के बॉन्‍ड पर गैर निवेश श्रेणी वाले बांड की तुलना में ब्‍याज की दर कम होती है।

दूसरी तरफ, गैर निवेश श्रेणी वाले बॉन्‍ड को जंक बॉन्‍ड भी कहते हैं और उनकी क्रेडिट रेटिंग काफी कम होती है। इस कारण से इस श्रेणी के बॉन्‍ड पर उच्‍च दर से ब्‍याज प्राप्‍त होता है।

म्‍यूनिसिपल बॉन्‍ड सिर्फ एक राज्‍य, एक शहर अथवा देश के द्वारा जारी किया जा सकता है। विभिन्‍न प्रकार के प्रोजेक्‍ट जैसे सडकें, स्‍कूल और अस्‍पताल के निर्माण के लिये पूंजी जुटाने के लिये इस प्रकार के बॉन्‍ड जारी किये जाते हैं। इस बॉन्‍ड से अर्जित उपज निवेश की रेटिंग ब्‍याज पर उस राज्‍य में कर एवं स्‍थानीय कर में उपज निवेश की रेटिंग छूट प्राप्‍त होती है, शर्त है कि निवेशक को उस राज्‍य का निवासी होना चाहिये जहां यह बॉन्‍ड जारी किया उपज निवेश की रेटिंग गया है। इसके अतिरिक्‍त, म्‍यूनिसिपल बॉन्‍ड का एक लाभ और भी है कि इसमें परिपक्‍वता की कई तिथियां होती हैं। मूलधन की कुछ राशि पहले परिपक्‍व हो जाती है और उसके बाद शेष पूंजी का भुगतान होता है।

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ट्रेजरी बॉन्‍ड की परिपक्‍वता अवधि 20 वर्ष या अधिक होती है। यह आपके लिये दीर्घ कालीन निवेश है और आपकी सेवा निवृत्ति के पश्‍चात आपके लिये मददगार होगी।

इस प्रकार के बॉन्‍ड में ब्‍याज एवं निवेशित राशि की अदायगी की जिम्‍मेदारी सरकार की होती है। सरकार इस तरह का बॉन्‍ड कर्ज उगाही के लिये जारी करती है।

यहां निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों की सूची दी गयी है जिसके विषय मे आप आम तौर पर सुनेंगे।

ट्रेजरी बिल एवं टेजरी नोट

ट्रेजरी बिल एवं ट्रेजरी नोट, ट्रेजरी ब्रॉन्‍ड के समान होता है। इन दोनों को भी सरकार जारी करती है। ट्रेजरी बिल, हालांकि लघु अवधि के लिये जारी की गयी निश्चित आय वाली प्रतिभूति होती है जिसकी परिपक्‍वता, जारी करने उपज निवेश की रेटिंग के एक वर्ष की अवधि में होती है।

ट्रेजरी नोट की उपज निवेश की रेटिंग परिपक्‍वता अवधि 10 वर्ष अथवा इससे कम होती है। ट्रेजरी बॉन्‍ड की ही तरह इसे भी डिस्‍काउन्‍ट अथवा प्रिमियम अथवा सममूल्‍य (एट पार) जारी किया जा सकता है।

बैंकों में पैसा जमा करने पर, बैंकों के द्वारा जमा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। जमा की अवधि एक महीने से लेकर पांच वर्ष तक हो सकती है। जमा के बदले बैंक, खाता धारक को ब्‍याज का भुगतान करता है।

जमा प्रमाण पत्र में बॉन्‍ड की तुलना में कम ब्‍याज प्राप्‍त होता हैं, परंतु यह राशि साधारण बचत खाता की तुलना में अधिक होती है।

प्रेफर्ड स्‍टॉक पर निवेशकों को निश्चित दर पर लाभांश का भुगतान किया जाता है। इसे कंपनियों द्वारा जारी किया जाता है और शेयर का मूल्‍य ब्‍याज दर एवं मुद्रा‍ स्फिति से प्रभावित होता है। इन शेयरों पर बॉन्‍ड की तुलना में अधिक लाभ प्राप्‍त होता है क्‍योंकि निवेश दीर्घ अवधि के लिये होता है।

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निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों एवं बॉन्‍ड में निवेश करने का लाभ निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों वैसे निवेशकों के लिये सर्वश्रेष्‍ठ विकल्‍प हैं जो अपने निवेश के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। यह वैसे व्‍यक्तियों के लिये उचित है जिन्‍हें पूर्व नियोजित अंतराल पर आय के स्थिर श्रोत की आवश्‍यकता है।

निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों एवं बॉन्‍ड में निवेश करने के अन्‍य लाभ:उपज निवेश की रेटिंग

नियमित आय का अर्जन

उतार-चढ़ाव के जोखिम से सुरक्षा

कंपनी के दिवालिया घोषित हो जाने की स्थिति में अन्‍य कॉर्पोटेट निवेश की उपज निवेश की रेटिंग तुलना में कॉर्पोरेट बॉन्‍ड के अदायगी की संभावना अधिक होती है।

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निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों एवं बॉन्‍ड में निवेश से संबद्ध जोखिम

बॉन्‍ड एवं निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों में निवेश का जोखिम यह है कि प्रतिफल की दर कम होती है और पूंजी में अभिवृद्धि की दर भी काफी कम होती है। मूलधन काफी लंबे समय तक एक ही जगह निवेशित रहता है और आप इस उपज निवेश की रेटिंग धन का निवेश किसी अन्‍य प्रतिभूति में नहीं कर पाते हैं। एक अतिरिक्‍त जोखिम यह है कि ब्‍याज दर में उतार चढ़ाव होता रहता है।

जोखिम के मूल्‍यांकन की दृष्टि से, इस प्रकार के निवेश से संबद्ध जोखिम की सूची इस प्रकार है

पूंजी अभिवृद्धि की कम दर

हालांकि, जहां जोखिम है, वहीं प्रतिफल प्राप्‍त होता है।

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निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों एवं बांड में निवेश के विषय में गहराई से जानने के पश्‍चात, हम इस निष्‍कर्ष पर पहुंचते हैं कि इन प्रतिभूतियों से निश्चित तौर पर हमारे धन में वृद्धि होगी। बॉन्‍ड एवं निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों में निवेश करने से आपको पूर्व निर्धारित दर से उपज निवेश की रेटिंग आय प्राप्‍त होती है जो सबसे बड़ा लाभ है और पूंजी में स्थिर एवं नियमित अभिवृद्धि होती है। हालांकि प्रतिफल के साथ-साथ संबद्ध जोखिम के विषय में भी सोचना आवश्‍यक है।

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