वीपीएफ एक स्वैच्छिक योगदान है, जो वैधानिक ईपीएफ योगदान के अतिरिक्त होता है। केवल वेतनभोगी कर्मचारी, भविष्य बनाम विकल्प जो ईपीएफओ के सदस्य हैं, वीपीएफ में निवेश कर सकते हैं। कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी के 12 फीसद से अधिक ईपीएफ में योगदान नहीं दे सकते हैं। अगर कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी के 12 फीसद से अधिक का योगदान देना चाहते हैं, तो वीपीएफ के तहत कर सकते हैं। वीपीएफ पर मौजूदा ब्याज दर 8.50 फीसद है। वीपीएफ में योगदान धारा 80 सी के तहत कर छूट के योग्य होता है। ईपीएफ की तरह ही वीपीएफ भी EEE स्टेटस के साथ आती है। अर्थात इसमें निवेश राशि, ब्याज राशि और मैच्योरिटी की राशि सभी कर मुक्त होती हैं।

2020 में निवेश के 5 बेहतर विकल्प, स्मार्ट स्ट्रैटजी से मिलेगा शानदार रिटर्न

2020 में निवेश के 5 बेहतर विकल्प, स्मार्ट स्ट्रैटजी से मिलेगा शानदार रिटर्न

आइए जानते हैं कि 2020 में आप निवेश के लिए किन विकल्पों को चुन सकते हैं.

Smart Investment Choices in 2020: हर व्यक्ति अपने सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश करता है. भविष्य में ज्यादा वित्तीय परेशानी या चिंता न हो, इसके लिए हर व्यक्ति निवेश के सही विकल्प ढूंढ़ता है. मजबूत फाइनेंशियल पोर्टफोलियो बनाना बहुत जटिल और मुश्किल हो सकता है. अच्छे मुनाफे के लिए व्यक्ति को कई चीजों जैसे वित्तीय लक्ष्य, जोखिम, निवेश के रिटर्न और फंड की उपलब्धता को ध्यान में रखना चाहिए. आइए जानते हैं कि 2020 में निवेश के लिए आप किन विकल्पों को चुन सकते हैं.

इक्विटी (Equity)

इक्विटी आपके निवेश के पोर्टफोलियो में सबसे जरूरी एसेट क्लास में से एक है. इसकी वजह है कि इसमें आप SIP के जरिए निवेश से दौलत बना सकते हैं. इससे आपके भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी जिसके लिए कॉर्पस जमा करने की जरूरत होती है. अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, तो आप इक्विटी म्यूचुअल फंड से बेहतरीन रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं. इक्विटी मार्केट के वैल्युएशन को देखते हुए, निवेशकों को SIP/STP मोड से नियमित तौर पर पैसा लगाना चाहिए.

कुछ निवेशक अपने फंड को लंबे समय के लिए नहीं रखना चाहते और निवेश करने पर लिक्विडिटी चाहते हैं. ऐसे निवेशकों के लिए सेबी ने अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म और कम अवधि की स्कीम्स को रेगुलेट किया है जो विश्वसनीय हैं. यह छोटी अवधि में रिटर्न देती हैं और इनमें ज्यादा लिक्विडिटी है. अपने नजदीकी भविष्य के लक्ष्यों के लिए अल्ट्रा शॉर्ट टर्म और कम अवधि वाले फिक्स्ड इनकम स्कीम्स को चुनें. ये टैक्स बचत के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा बेहतर हैं. खासकर जो लोग ज्यादा टैक्स स्लैब में हैं और अगर तीन साल से ज्यादा तक होल्ड किया है, तो उन्हें टैक्स में फायदा है.

सोना (Gold)

आप निजी इमरजेंसी के लिए सोने में निवेश कर सकते हैं. वित्तीय संकट में यह आपको बचाएगा. मुद्रास्फीति और बाजार की अस्थिरता से आपको बचाने के लिए यह बेहतरीन एसेट क्लास है. अगर व्यक्ति फिजिकल फॉर्म में सोना नहीं खरीदना चाहते तो वे सोने में निवेश गोल्ड फंड या गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के जरिए कर सकता है.

अगर आपके पास डीमैट अकाउंट है, तो आप गोल्ड ETF में निवेश कर सकते हैं, जिससे 99.5 फीसदी शुद्ध सोने में निवेश होता है. हालांकि, गोल्ड ETF में SIP के जरिए निवेश की इजाजत नहीं है. अगर आप सोने में पीरियोडिक निवेश करना चाहते हैं, तो आप गोल्ड फंड्स में निवेश कर सकते हैं, जो गोल्ड ETF के यूनिट्स खरीदता है और व्यक्ति को नियमित अंतराल पर फंड में निवेश करने की इजाजत देता है.

गोल्ड फंड्स में फिजिकल और दूसरे सोने से जुड़े निवेश जैसे ETF के मुकाबले से ज्यादा लिक्विडिटी और सुरक्षा भी मिलती है. गोल्ड फंड्स के जरिए सोने में अपने पोर्टफोलियो का 5 से 15 फीसदी रखने की कोशिश करें.

छोटी बचत योजनाएं (Small Savings Schemes)

सरकार ने कई बचत योजनाओं को रेगुलेट किया है जैसे PPF, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम्स आदि जिनमें व्यक्ति अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से निवेश कर सकता है. यह स्कीम्स शादी, शिक्षा, हेल्थकेयर आदि के लिए पैसों की जरूरत को पूरा करती हैं और इसके साथ ही टैक्स की बचत भी होती है.

नेशनल पेंशन स्कीम सरकारी पेंशन स्कीम है, लेकिन यह बाजार से जुड़ी है. इसमें निवेशक नियमित तौर पर योगदान से रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार कर सकते हैं. क्योंकि यह मार्केट से जुड़ा प्रोडक्ट है, इसलिए इसमें रिटर्न चुने गए फंड के प्रदर्शन से सीधे जुड़े हैं. यह स्कीम एक सैलरी पाने व्यक्ति के लिए उपयुक्त है जो 80CCD(1) और 80CCD के भीतर डिडक्शन चाहते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि इसमें निवेश की मेच्योरिटी रिटायर होने पर ही होगी, इसलिए लिक्विडिटी चिंता का विषय हो सकता है.

By: नवीन कुकरेजा, सीईओ एवं को-फाउंडर, पैसा बाजार डॉट कॉम

PPF vs VPF vs FD: जानिए कौन-सा निवेश विकल्प रहेगा आपके लिए बेहतर

PPF vs VPF vs FD P C : Pixabay

पीपीएफ वित्त मंत्रालय के राष्ट्रीय बचत संस्थान द्वारा सन् 1968 में एक सेविंग इंस्ट्रूमेंट के रूप में भविष्य बनाम विकल्प भविष्य बनाम विकल्प लाया गया था। यह योजना आयकर लाभों के साथ आती है। पीपीएफ में आपको अकाउंट एक्टिव रखने के लिए एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये का निवेश करना होता है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बढ़ती महंगाई और आधुनिक होती जीवन शैली के साथ ही लोग इस समय उन विकल्पों में निवेश के लिए देख रहे हैं, जो अच्छा रिटर्न दें और समय के साथ उन्हें एक मोटी राशि जमा करने में मदद करे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से गारंटीड रिटर्न की पेशकश करने वाले निवेश विकल्पों की ब्याज दरों में गिरावट आई है। वहीं, सरकार सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ सहित कई ऐसी योजनाओं की पेशकश कर रही है, भविष्य बनाम विकल्प जो आपको अपने रिटायरमेंट के लिए बचत करने में मदद करती हैं। इन उत्पादों में निवेश कर आप अपनी बचत पर गारंटीड रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

पुराने पड़ चुके हैं गहलोत, कांग्रेस के भविष्य के लिए सही विकल्प नहीं

पुराने पड़ चुके हैं गहलोत, कांग्रेस के भविष्य के लिए सही विकल्प नहीं

कांग्रेस अध्यक्ष पद के संभावित उम्मीदवार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत असल में एक क्षेत्रीय राजनीतिक हस्ती ही हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कांग्रेस आलाकमान के दूत के रूप में 71 साल के दिग्गज राजनेता ने हाल के दिनों में कई राज्यों में पार्टी के लिए आंतरिक संकट को टालने का काम किया है मगर उनकी प्रमुख छवि एक चतुर, बुद्धिमान और सत्ता के भूखे मुख्यमंत्री की ही है.

सचिन पायलट अधिक लोकप्रिय हैं

जुलाई 2020 में सरकार को गिराने की कोशिश करने पर अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी सचिन पायलट के खिलाफ उन्होंने जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग किया वह उनकी इस छवि को और मजबूत करता है. राजस्थान से बाहर सचिन पायलट निश्चित रूप से अशोक गहलोत से अधिक लोकप्रिय हैं. युवा, सौम्य, शालीन और मुखर सचिन पायलट को कांग्रेस के भविष्य के रूप में देखा जाता है. इसके विपरीत गहलोत खुद को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त नहीं कर पाते हैं. कांग्रेस पार्टी के सामने भविष्य की चुनौतियों की जगह उनकी छवि कांग्रेस के पूर्व के गौरव से जुड़ी हुई ज्यादा लगती है.

आम कांग्रेसी अपने भावी अध्यक्ष में केवल आंतरिक विद्रोह को खत्म करने की क्षमता की जगह उनमें नेतृत्व वाला गुण देखना चाहेंगे. गहलोत को सचिन पायलट के विद्रोह को दबाने और हाल के राज्यसभा चुनाव में मीडिया पर्सनालिटी सुभाष चंद्रा को हराने के लिए जाना जाता है.

कांग्रेस अध्यक्ष बनने की कामना नहीं करने वाले उम्मीदवार

गहलोत उस पद को स्वीकार करने के लिए स्पष्ट रूप से अनिच्छुक हैं. उनके मुताबिक यह पद राहुल गांधी के लिए उपयुक्त है जो कांग्रेस के सबसे स्वीकार्य नेता हैं.उनकी अनिच्छा यह जताती है कि वे राहुल गांधी की जगह कांग्रेस के भावी अध्यक्ष के रूप में अपनी सीमाओं को पहचानते हैं. उनका भाव यह भी दर्शाता है कि वे राजस्थान में अपने गढ़ में ही खुश हैं और ज्यादा मेहनत करने की उनकी इच्छा नहीं है. वे तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अगले साल राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस पद बचाने के लिए उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

वाजिब तौर पर यह माना जा सकता है कि अशोक गहलोत अगर कांग्रेस अध्यक्ष बन भी जाते हैं तब भी उनका दिन उनके गृह राज्य राजस्थान के लिए ही धड़कता रहेगा. मगर कांग्रेस अध्यक्ष के लिए यह जरूरी है कि वह पूरे देश में पार्टी को मजबूत करे न कि केवल एक विशेष राज्य में. इससे साफ है कि वह केवल राजस्थान के लिए ही ठीक हैं. गहलोत के पास गृह राज्य में ही काम करने का हवाला देने का पहले का एक उदाहरण भी है.

SBI RD भविष्य बनाम विकल्प vs Post Office RD: दोनों में से आरडी के लिए कौन सा विकल्प है बेहतर, जानिए

Post Office RD vs SBI RD

पोस्ट ऑफिस की आरडी

- इसमें आपको पांच साल तक का निवेश करना पड़ता है.

- इसके अंतर्गत आप केवल 100 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. जिसमें 10 के गुणांक में कितना भी पैसा जमा किया जा सकता है. यानी अधिकतम जमा की कोई लिमिट नहीं है.

- पांच साल से पहले पैसे निकालने पर आपको पेनल्टी का भुगतान करना होगा.

- इसमें आपको 5.8 प्रतिशत का ब्याज मिलता है.

एसबीआई की आरडी

- इसके अंतर्गत आप एक साल से लेकर दस साल तक निवेश कर सकते हैं.

LIC धन संचय स्कीम

ये एक नॉन लिंक्ड, नॉन पार्टिसिपेटिंग, इंडीविजुअल, सेविंग्स, लाइफ इंश्योरेंस प्लान है. ये प्लान आपके परिवार को प्रोटेक्शन और सेविंग्स दोनों का फायदा देता है. पॉलिसी टर्म के दौरान अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए तो ये कंपनी परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करती है.

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4 प्लान ऑप्शन में मिलते हैं बेनेफिट्स

इस प्लान के तहत ग्राहकों को दो ऑप्शन्स दिए जाते हैं. पहला- ऑप्शन ए और दूसरा- ऑप्शन बी. ऑप्शन ए में लेवल इनकम बेनेफिट और ऑप्शन बी में इनकम बेनेफिट को बढ़ाने जैसे बेनेफिट मिलते हैं. इसके अलावा सिंगल प्रीमियम पेमेंट के केस में दो और ऑप्शन मिलते हैं. ऑप्शन सी में सिंगल प्रीमियम लेवल इनकम बेनेफिट और ऑप्शन डी में सिंगल प्रीमियम एनहेंस्ड कवर विथ लेवल इनकम बेनेफिट शामिल है.

यहां निवेश करने के लिए 3 साल की उम्र होनी चाहिए. ऑप्शन ए और बी के लिए मैक्सिमम एज 50 साल और ऑप्शन सी के लिए अधिकतम आयु 65 साल और ऑप्शन सी के लिए 40 साल है. इसके अलावा न्यूनतम मैच्योरिटी एज 18 साल है.

ऑप्शन ए और बी के लिए क्या है प्रीमियम

ऑप्शन ए और बी के लिए न्यूनतम प्रीमियम की रकम 30000 रुपए है और ऑप्शन सी और डी के लिए प्रीमियम की रकम 2 लाख रुपए है. हालांकि अधिकतम प्रीमियम की कोई सीमा नहीं है. इसके अलावा ऑप्शन ए और ऑप्शन बी के लिए डेथ पर सम एश्योर्ड की राशि 3,30,000 रुपए है. ऑप्शन सी के लिए सम एश्योर्ड की राशि 2,50,000 रुपए और ऑप्शन डी के लिए राशि 22 लाख रुपए है.

इस प्लान के तहत गारंटीड इनकम रिटर्न अग्रिम रूप से देय होगा. मैच्योरिटी की तारीख से अवधि यानी गारंटीड इनकम बेनेफिट की पहली किस्त लाभ परिपक्वता की तिथि पर और उसके बाद, के आधार पर किया जाएगा. पॉलिसीधारक द्वारा चुना गया पेआउट मोड, हर महीने या तीन महीने या छह महीने या मैच्योरिटी की तारीख से सालाना, जैसा भी मामला हो के आधार पर होगा.

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