जैव विविधता पर कन्वेंशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, व्यापक क़ानूनी और संस्थागत प्रणाली स्थापित करने में भारत काफ़ी आगे रहा है.

Aries Horoscope Today 20 December 2022: मेष राशि वालों के लिए साझेदारी में किया व्यापार होगा लाभदायक, जानें अपना राशिफल

By: एस्ट्रोलॉजर रुचि शर्मा | Updated at : 20 Dec 2022 10:44 AM (IST)

Mesh Rashifal Today, Aries Daily Horoscope for 20 December 2022: मेष राशि वालों के लिए आज का दिन बढ़िया रहने वाला है. नौकरी कर रहे लोगों को कुछ नुकसान हो सकता है. लेकिन कारोबारियों को आज लाभ होगा. पारिवारिक जीवन में भी सामान्य रहेगा. आज आपको कोई शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है. आपकी किस्मत के सितारे क्या कहते हैं? जानते हैं मेष राशिफल (Aaj Ka Rashifal Mesh Today).

मेष राशि वाले लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है. बात करें कारोबार कर रहे लोगों की तो आज आपके लिए साझेदारी में किया गया कारोबार बहुत फायदेमंद रहने वाला है. नौकरी कर रहे जातकों की बात करें तो आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में काम के समय मन कहीं और भटकने के कारण कुछ हानि हो सकती है. लेकिन स्वार्थ के कारण लोग आपकी गलती को नजरअंदाज कर सकते हैं. इससे आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी.

पूर्व अनुमोदित माइक्रो पीएल

यह उत्पाद ऑफलाइन (पीओएस) एवं ऑनलाइन (ऑनलाइन ई-कॉमर्स एग्रीग्रेटर्स) रु. 50,000/- तक की खरीद को 9,12,15 और 18 माह की आसान ईएमआई में परिवर्तित करने का विकल्प अथवा मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन (बॉब वर्ल्‍ड) के माध्यम से तत्काल रु. 50,000/- की क्रेडिट की सुविधा प्रदान करता है. ग्राहक इस योजना के तहत नियमों और शर्तों के अधीन ब्रांडों से कैश बैक (यदि कोई हो) के लिए पात्र हैं.

  • Pre-approved limit of up to Rs. 50,000 only available on bob World app
  • Avail loan on purchase up to Rs. 50,000 on e-commerce websites
  • Purchases should be processed through Debit Card EMI
  • Flexible loan repayment period ranging from 9 - 18 months
  • SMS*or an email will be sent to eligible customers for awareness
  • Documentation not required
  • Zero processing charges
  • No Pre-closure charges

पूर्व अनुमोदित माइक्रो पीएल : पात्रता

इस योजना के अंतर्गत कौन पात्र है?

व्यक्तिगत बचत बैंक खाता धारक, जो बैंक के पूर्व-निर्धारित आंतरिक नियमों के अनुसार पात्रता रखते हैं.

इस योजना के अंतर्गत पात्र होने के लिए ग्राहक की न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?

इस योजना के अंतर्गत पात्र होने के लिए ग्राहक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए.

मुझे मेरी पात्रता की जानकारी कैसे प्राप्त होगी ?

पात्र ग्राहकों को एसएमएस/ ई-मेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा. विकल्प के तौर पर ग्राहक अपनी पात्रता एवं सीमा के संबंध अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर “पीएपीएल” टाइप करके 8422009988 पर मैसेज भेजकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

पूर्व अनुमोदित माइक्रो पीएल : ब्याज दर और प्रभार

सभी अवधियों के लिए लागू ब्याज दर @16% प्रति वर्ष है.

Read the terms and conditions

Read the terms and conditions of the loan, carefully, like the rate of interest before proceeding to click on ‘I accept terms and conditions’ checkbox.

Check the particulars

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Maintain sufficient balance

Maintain sufficient balance or schedule monthly reminders to ensure that you do not miss even a single payment. Your payment नियम आधारित व्यापार के क्या लाभ हैं? history is a major part of your credit score, missing payments can negatively impact your credit report and reduce your credit score.

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भारत में जैव विविधता संरक्षण के नये आयाम

भारत में महिलाएं जैविक खेती के लिए आगे आ रही हैं. (फ़ाइल)

भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा समर्थित एक परियोजना ने जैव विविधता के बेहतर उपयोग के ज़रिए ग्रामीण आजीविका सुधारने में सफलता हासिल की है. 2011 से सितंबर 2019 तक चली इस परियोजना को राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (India’s National Biodiversity Authority) ने कार्यान्वित किया है और वैश्विक पर्यावरण सुविधा (Global Environment Facility) ने धनराशि प्रदान की है.

भारत को दुनिया के लिए कई मायनों में उदाहरण माना जा सकता है. ख़ासतौर पर जिस तरह ये देश अरब 30 करोड़ लोगों की आबादी को स्थायी रूप से भोजन उपलब्ध कराता है, वो एक मिसाल है. लेकिन चुनौती ये है कि भूमि, मिट्टी और जल संसाधनों और देश की समृद्ध विविधता को नष्ट किए बिना या फिर दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण की धुंध पैदा किए बिना, किस तरह ये उपलब्धि बरक़रार रखी जा सकती है.

जैव स्रोतों के आर्थिक मूल्य का आकलन

परियोजना के अंतर्गत लाभ बांटने की संभावनाओं के निर्धारण के लिए स्थानीय, प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार योग्य जैव-संसाधनों के आर्थिक मूल्य का आकलन और परिमाणन किया गया.

परियोजना पर काम करने वाले यूएनईपी जैवविविधता विशेषज्ञ मैक्स ज़िएरन कहते हैं, “इससे भारत में जैविक संसाधनों के संभावित उपभोक्ताओं को पहले से ही इंगित करने, बाज़ार मूल्य श्रृंखलाओं का आकलन करने और उपभोक्ता कितना मूल्य देने को तैयार हैं – इस सबका निर्धारण करने में मदद मिली. इसमें जैविक संसाधनों के आर्थिक उपयोग के लिए संभावित नवीन अनुसंधान और निवेश की सुविधा भी दी गई है.”

इस प्रक्रिया से राष्ट्रीय और राज्य-स्तर के निर्णायकों को संरक्षण कार्रवाई को प्राथमिकता देने में भी मदद मिलेगी.

उदाहरण के लिए, उपयुक्त आर्थिक साधनों (करों, नियम आधारित व्यापार के क्या लाभ हैं? शुल्क या रॉयल्टी) के आवेदन, संसाधनों की कमी के कारण लागत का अनुमान, पुनर्स्थापना या संरक्षण के प्रयासों के साथ स्थायी मानकों को स्वीकार करने और स्थानीय आजीविका के माध्यम से लाभ सृजन का समर्थन करने का अंदाज़ा लगाना सुगम होगा.

सरकार की कमेटी ने 'आरक्षण के खेल' से पर्दा उठाया: गरीब सवर्ण-OBC का क्राइटेरिया 8-8 लाख, लेकिन सवर्णों के नियम सख्त; जानें रिपोर्ट की बड़ी बातें.

सुप्रीम कोर्ट मार्च-अप्रैल में गरीब सवर्ण आरक्षण (EWS कैटेगरी) के मामले में 8 लाख रुपए सालाना आय के पैमाने पर फैसला सुना सकता है। सालाना आय का यह फॉर्मूला OBC और गरीब सवर्ण पर समान रूप से लागू है, लेकिन आय की गणना के तरीके बिल्कुल अलग हैं। पूर्व वित्त सचिव अजय भूषण पांडे की अध्यक्षता में बनाई कमेटी ने यह स्वीकार किया है। कमेटी ने रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसके आधार पर क्रीमीलेयर के मापदंड तय होंगे। फिलहाल, केंद्र सरकार यह आकलन कर रही है कि सालाना आय की गणना में कृषि से होने वाली आय को शामिल किया जाए या नहीं।

केंद्र सरकार ने 2019 नियम आधारित व्यापार के क्या लाभ हैं? में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को भी आरक्षण देने का फैसला किया, तो पिछड़ेपन का आधार 8 लाख रुपए की सालाना आय को तय किया गया। इस नियम के तहत जिस सवर्ण परिवार की सालाना आमदनी 8 लाख रुपए तक है, उसके उम्मीदवारों को ही शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिलती है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में क्रीमीलेयर का निर्धारण भी 8 लाख रुपए की सालाना आय के आधार पर ही होता है। यानी, अगर OBC कैंडिडेट के माता-पिता की सालाना इनकम 8 लाख रुपए से अधिक है, तो उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

Role # 1. WTO और व्यापार विकास (WTO and Trade Development):

(i) WTO विभिन्न परिषदों तथा समितियों द्वारा प्रशासन चलाता है, उरुग्वे दौर के अन्तिम एक्ट में 28 समझौते शामिल हैं, जमा अनेक बहुपक्षीय समझौते जिसमें एक सरकारी प्रमाण भी सम्मिलित है ।

(ii) WTO महत्व टैरिफ कटौतियों के निष्पादन का भी ध्यान रखता है (औसत 40 प्रतिशत) और व्यापार समझौते में स्वीकृत गैर-टैरिफ उपायों को कम करने पर भी ध्यान देता है ।

(iii) WTO अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का रखवाला है तथा नियमित रूप में व्यक्तिगत सदस्यों के व्यापार व्यवहारों का परीक्षण करता है । इसकी विभिन्न संस्थाओं में, सदस्य प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं अथवा ऐसे उपायों हैं जिनसे व्यापार संघर्ष उत्पन्न होते हैं । सदस्यों से यह भी आशा की जाती है की वे विस्तृत रूप में भिन्न व्यापार उपायों और आंकडों की सूचना देंगे जो WTO द्वारा सम्भाले जाते हैं ।

Role # 2. WTO तथा विवाद निपटारा यन्त्रवाद (WTO and Dispute Settlement):

सदस्यों के बीच बाजार प्राप्त करने हेतु प्रतियोगिता से उत्पन्न होने वाले झगड़ों के समाधान के लिये आप अत्यधिक शक्तिशाली यन्त्रवाद उपलब्ध करती है । हाल ही में WTO की एक रिपोर्ट से यह ठीक ही देखा गया है कि विकासशील देश विकसित देशों की तुलना में बहुपक्षीय विवाद निपटारा यन्त्रवाद के अधिक सक्रिय उपभोक्ता के रूप में सामने आ रहे हैं ।

मार्च 5, 1996 को विवाद निपटारा संस्था (DSB) ने फिलीपीन और कोस्टा रीका की प्रार्थना पर दो पैनलों की स्थापना की । विवाद निपटारा संस्था के निर्णय ने WTO में सक्रिय पैनलों की संख्या 4 तक बढ़ा दी, इनमें से तीन विकासशील देशों से सम्बन्धित थे ।

तथापि, पहला WTO विवाद, जिसका निपटारा द्विपक्षीय रूप में किया गया उसमें दो विकासशील देश सिंगापुर और मलेशिया सम्मिलित थे । इसलिये, WTO के विवाद निपटारा उपायों के GATT से बेहतर होने से, सभी सदस्यों के लिये औपचारिक शिकायत दर्ज करना सरल हो गया है ।

Role # 3. विश्व व्यापार संगठन-अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक सम्बन्धों का तीसरा स्तम्भ (WTO – Third Pillar in International Economic Relations):

विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अतिरिक्त विश्व व्यापार संगठन को युद्ध-पश्चात् अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक सम्बन्धों का तीसरा स्तम्भ स्वीकार किया जाता है विश्व व्यापार के तीन मुख्य वैधानिक उपकरण है- द जनरल एग्रीमैन्ट ऑन टेरिफस एण्ड ट्रेड (GATT) इसके साथ सम्बन्धित समझौते और न्याय शास्त्र; द जनरल एग्रीमैन्ट ऑन ट्रेड इन सर्विसिज (GATS) और ट्रेड-रीलेटिड इनटैक्च्युल प्रापर्टी राइटस (TRIPS) ।

विश्व व्यापार संगठन का एक महत्वपूर्ण लक्षण है ‘मिनिस्ट्रीयिल कान्फ्रैंस’ (Ministerial Conference) जोकि इसकी उच्चतम निर्णय निर्माता है तथा WTO के अधीन किसी समझौते पर निर्णय लेने का अधिकार इस संस्था को होगा । ‘मिनिस्ट्रीयल कान्फ्रैंस’ की बैठकों में अन्तराल के दौरान, ‘जनरल कौंसिल’ इसके कार्य करेगी, जिसमें ‘विवाद निपटारा संस्था’ के रूप में इसकी भूमिका भी सम्मिलित है ।

Role # 4. विश्व व्यापार संगठन और सामान्य लाभ (WTO and General Benefits):

विश्व व्यापार संगठन के सामान्य लाभों पर नीचे चर्चा की गई है:

(i) सबसे पहले WTO के लाभों के सम्बन्ध में, देखा गया है कि बढ़ती हुई बाजार पहुंच के अवसर और अविकृत प्रतियोगिता के लिये कुशल नियम विकासशील देशों की आर्थिक नीतियों के उदारीकरण में सहायता करेंगे ।

(ii) दूसरे, WTO के पूर्ववर्ती GATT सचिवालय ने अनुमान लगाया है कि वर्ष 2005 तक विश्व व्यापार की मात्रा 9 से 24 प्रतिशत तक उस स्तर से ऊपर होगी जो स्तर उरग्वे दौर की अनुपस्थिति में होता । वस्तुओं के व्यापार में उदारीकरण से विश्व आय में वार्षिक वृद्धि $ 110 बिलियन से $ 510 बिलियन हो सकती है ।

(iii) तीसरे WTO सदस्य देशों के बीच व्यापार सम्बन्धों के लिये संस्थागत ढांचे को दृढ़ करेगी । तदानुसार, WTO की स्थापना से एक नये व्यापार के उत्पन्न होने की सम्भावना थी । एक OECD अध्ययन ने संकेत दिया है कि GATT का अन्तिम एक्ट विकासशील देशों की आय को वर्ष 2002 तक 70 बिलियन डॉलर तक बढ़ा सकता है ।

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