एक निवेशक जिनकी उम्र- 40 साल
4 फंड में ₹5 हजार की SIP
1 करोड़ का टर्म प्लान
6 साल की दो बेटियों
बेटियों की पढ़ाई,शादी की प्लानिंग
निवेश अवधि- 12-15 साल
Mutual Fund में बना रहे हैं निवेश की योजना, जानें फ्लेक्सी कैप फंड के बारे में; सही फैसला लेने में मिलेगी मदद
Flexi Cap Mutual Fund फ्लेक्सी कैप फंड एक प्रकार की इक्विटी म्युचूअल फंड स्कीम है। इसमें लार्ज कैप मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है किया जाता है। फ्लेक्सी कैप में अन्य म्युचूअल फंड स्कीम की तुलना में अधिक लचीलापन होता है।
नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। म्युचूअल फंड योजनाओं ने पिछले कुछ समय में निवेशकों का ध्यान अधिक रिटर्न की वजह से आकर्षित किया है। म्युचूअल फंड उन निवेशकों के बीच में एक लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभरा है, जिन्हें शेयर बाजार के बारे में सीमित जानकारी है और वे बाजार में निवेश करना चाहते हैं।
म्युचूअल फंड में भी कई प्रकार होते हैं, जिसमें निवेशक अपने जोखिम के अनुसार निवेश कर सकता है। इसमें लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स आदि को शामिल किया जाता है। आज हम आपको एक ऐसी म्युचूअल फंड के प्रकार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें आपको लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों ही प्रकार के शेयरों का लाभ मिलता है। ये है फ्लेक्सी कैप फंड। आइए मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है जानते हैं विस्तार से.
क्या होते हैं फ्लेक्सी कैप फंड
जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि फ्लेक्सी कैप फंड (Flexi Cap Mutual Fund) एक इक्विटी म्युचूअल फंड स्कीम है। इसमें फंड मैनेजर के पास अन्य म्युचूअल फंड स्कीम की तुलना में ज्यादा लचीलापन होता है। इसका मतलब यह है कि वह अपने मन मुताबिक शेयरों का चयन कर सकता है। इस फंड का पैसा लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप का निवेश किया जाता है।
निवेश करने का फायदा
फ्लेक्सी कैप मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है फंड में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे आपको अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने का मौका मिल जाता है और एक ही स्कीम में निवेश करके आप बाजार के छोटे और बड़े शेयरों में निवेश कर सकते हैं।
मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में अंतर
बाजार नियामक सेबी की ओर से अक्टूबर 2017 में जारी किए गए प्रोडक्ट कैटिगराइजेशन सर्कुलर के मुताबिक, उन म्युचूअल फंड योजनाओं को मल्टी कैप फंड्स कहा जाता है, जिनका 65 प्रतिशत निवेश लार्ज कैप और बाकी का मिड कैप और स्मॉल कैप शेयर में किया जाता है। हालांकि सितंबर 2020 में जारी किए एक अन्य सर्कुलर के मुताबिक, अब फ्लेक्सी कैप फंड के मैनेजर को मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में हर एक में कम से कम 25% का एक्सपोजर बनाए रखना जरूरी कर दिया गया है।
मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप लगभग दोनों समान ही होते हैं, लेकिन बड़ा अंतर यह है कि फ्लेक्सी मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है कैप फंड का मैनेजर अपने निवेश में बदलाव कर सकता है। अगर फंड मैनेजर को लगता है कि बाजार में खतरा अधिक है, तो स्मॉल कैप शेयरों में एक्सपोजर शून्य भी कर सकता है और लेकिन अगर मल्टी कैप का फंड मैनेजर ऐसा करता है, तो यह सेबी के नियमों का उल्लंघन होगा।
Money Guru: फ्लेक्सी कैप या मल्टी कैप फंड है बेहतर? एक्सपर्ट से जानें फर्क और क्या हैं फायदे
Money Guru: आप अगर फ्लेक्सी कैप फंड या मल्टी कैप फंड में से कोई चुनाव कर रहे हैं तो इसको समझना जरूरी है कि आखिर पैसा किसमें लगाया जाए?
Flexi Cap fund बाजार के उतार-चढ़ाव में जोखिम कम करता है.
Money Guru: म्यूचुअल फंड (mutual funds) निवेश का एक बेहतर विकल्प है.लेकिन जब बात निवेश की आती है तो इसमें फंड का चुनाव काफी मायने रखता है. आप अगर फ्लेक्सी कैप फंड (Flexi Cap fund) या मल्टी कैप फंड (Multi Cap Fund) में से कोई चुनाव कर रहे हैं तो इसको समझना जरूरी है कि आखिर पैसा किसमें लगाया जाए? कौन फंड ज्यादा बेहतर साबित होंगे. इनमें क्या अंतर है? मल्टी कैप से मुनाफा कैसा मिलेगा? आइए, इस मुद्दे पर हम यहां हम फौजी इनिशिएटिव के सीईओ कर्नल संजीव गोविला(रिटायर्ड) से समझ लेते हैं.
Flexi कैप और मल्टीकैप फंड में क्या फर्क है? कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न और कम रिस्क, जानिए एक्सपर्ट की राय
निवेश के परंपरागत साधनों पर रिटर्न कम मिल रहा है, जिसके कारण निवेशकों का क्रेज घट रहा है. इस समय निवेशक म्यूचुअल फंड (Mutual funds) पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, क्योंकि यहां रिटर्न ज्यादा मिलता है. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है कि युवा और मिलेनियल्स म्यूचुअल फंड में निवेश (Mutual fund investment) करना ज्यादा पसंद करते हैं. वे विशेष रूप से इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity mutual funds) को चुनते हैं, क्योंकि इसमें रिटर्न ज्यादा है, हालांकि रिस्क भी ज्यादा होता है. ऐसे में इक्विटी फंड के भीतर भी डायवर्सिफिकेशन जरूरी है जिससे रिस्क कम होगा. Koppr के को-फाउंडर और सीईओ मंडार मराठे का कहना है कि निवेशकों को हमेशा लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में क्या अंतर है निवेश करना चाहिए.
Mutual Fund: म्यूचुअल फंड में करना चाहते हैं निवेश, जानें Flexi Cap और Multi Cap फंड्स में कौन है बेहतर?
By: ABP Live | Updated at : 23 Jun 2022 04:59 PM (IST)
Flexi Cap & Multi Cap Funds: शेयर बाजार ( Stock Market) में इन दिनों उठापटक देखने को मिल रही है. लेकिन जो निवेशक म्यूचुअल फंड ( Mutual Fund) में निवेश करना चाहते हैं और अगर वे दुविधा में हैं कि वे फ्लेक्सी कैप ( Flexi Cap) में निवेश करें या फिर मल्टी कैप ( Multi Cap) में तो आज आपको बतायेंगे दोनों तरह के फंड में क्या फर्क है. फ्लेक्सी कैप को सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें फंड मैनेजर के पास विकल्प होता है कि वो लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप में जहां चाहे अलॉकेशन को शिफ्ट कर सकता है. जबकि मल्टी कैप अपने कुल कार्पस का 25 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप में निवेश करना होता है.
हालांकि फ्लेक्सी कैप की भी कुछ सीमाएं हैं. अगल फ्लेक्सी कैप का 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कॉर्पस (Corpus) हो जाता है तो फंड मैनेजर के लिए बेहतर अवसर तलाशना मुश्किल हो जाता है. क्योंकि स्मॉल कैप में 10 से 15 फीसदी का अलॉकेशन बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में वहीं फ्लेक्सी कैप बेहतर होते हैं जिनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) छोटा होता है.
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